कुबेर हवन यज्ञ
हवन- तिलों का मंत्र जाप का दशांस हवन करने से प्रयोग ज्यादा सफल होता है।
यह प्रयोग शिव कुंडलिनी मंदिर में करना उत्तम रहता है। यदि यह प्रयोग बिल्वपत्र वृक्ष की जड़ों के समीप बैठ कर हो सके तो अधिक उत्तम होगा, अथवा बिल्व पत्र हवन यज्ञ के नजदीक रक्खा जा सकता है । प्रयोग सूर्योदय के पूर्व संपन्न करें।
इस मंत्र का अनुष्ठान
इस मंत्र का प्रथम अनुष्ठान १२००० मंत्रो का करे अर्थात (१२०) माला करे |
(विद्वान् गुरू जी या मंदिर में हमारे द्वारा करवा सकते हैं )
इस मंत्र का पूर्ण जाप करने के बाद इसके दशांश यज्ञ करे |
दशांश यज्ञ के लिये श्वेततिल-कालेतिल-बिल्वफल-बिल्वदल(बिलीपत्र)-पायस(खीर)-गाय का घी इन सामग्रीओ से यज्ञ करे |
अगर आप दशांश हवन करने में समर्थ ना हो तो दशांश माला करे |